अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और गबन मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ नए दावे सामने आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को कथित वित्तीय गड़बड़ी की जानकारी सार्वजनिक होने से पहले ही मिल गई थी। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि 5 जून को पुलिस और ट्रस्ट से जुड़े अधिकारियों ने काउंटिंग कर्मचारी अविनाश शुक्ला को हिरासत में लेकर उसके घर पर तलाशी ली थी। वहां से नकदी बरामद होने का दावा किया जा रहा है। वहीं, 7 जून तक इस मामले में कोई आधिकारिक एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी।
सूत्रों के मुताबिक, 4 जून को काउंटिंग रूम के शौचालय में तीन से चार लाख रुपये के नोटों के बंडल मिलने के बाद ट्रस्ट के अधिकारी और पुलिसकर्मी अविनाश शुक्ला के घर पहुंचे। तलाशी के दौरान नकदी बरामद होने का दावा किया गया। हालांकि उस समय इस कार्रवाई को सार्वजनिक नहीं किया गया।
बताया जा रहा है कि 5 जून की रात का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया, जिसमें पुलिसकर्मी अविनाश शुक्ला को एक सफेद कार तक ले जाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में उसके हाथ में एक काला बैग भी नजर आता है। सूत्रों का दावा है कि इसी बैग में बरामद नकदी रखी गई थी। पुलिस ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
7 जून को सार्वजनिक हुआ मामला
चढ़ावा चोरी का मामला 7 जून को सार्वजनिक हुआ। इसके बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इस मुद्दे को उठाया। उसी दिन चंपत राय ने कहा था कि ट्रस्ट का नियमित आंतरिक ऑडिट चल रहा है और उस समय तक चोरी जैसी कोई बात सामने नहीं आई थी।
अब तक 79.85 लाख रुपये बरामद होने का दावा
पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक आरोपियों के ठिकानों से 79.85 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं। मामले की जांच एसआईटी कर रही है और वित्तीय लेन-देन के दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
आठ आरोपियों के घर पुलिस की छापेमारी
रविवार सुबह पुलिस और एसआईटी की टीम ने जेल में बंद आठ आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान तीन आरोपियों के घरों पर ताला मिला। पुलिस ने पड़ोसियों से पूछताछ की और कई दस्तावेज, बैंक खातों से जुड़ी जानकारी तथा एक डायरी अपने कब्जे में ली। जांच एजेंसियों का मानना है कि इन दस्तावेजों से मामले में अहम सुराग मिल सकते हैं।
SIT रिपोर्ट के बाद हुई गिरफ्तारी
SIT ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद 25 जून को शिकायत दर्ज होने पर पुलिस ने रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। अदालत ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मामले की जांच अभी जारी है।
कैसे सामने आया मामला?
सूत्रों के अनुसार, मंदिर में कार्यरत कुछ कर्मचारियों और सेवादारों को लंबे समय से कथित वित्तीय अनियमितताओं की जानकारी थी, लेकिन बड़े नाम जुड़े होने के कारण वे खुलकर सामने नहीं आ रहे थे। बाद में कथित तौर पर कुछ कर्मचारियों ने साक्ष्य जुटाकर मामले की जानकारी मीडिया तक पहुंचाई, जिसके बाद यह मामला सार्वजनिक हुआ।
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