लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का बहुप्रतीक्षित लोकार्पण 13 जुलाई को रक्षा मंत्री Rajnath Singh करेंगे। इसके शुरू होने के बाद लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा का समय करीब 45 मिनट रह जाएगा। यह एक्सप्रेसवे आधुनिक तकनीक और बैरियर-फ्री टोल सिस्टम से लैस होगा।
रक्षा मंत्री सुबह लखनऊ पहुंचेंगे और पहले केजीएमयू के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। इसके बाद हेलीकॉप्टर से उन्नाव पहुंचकर लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। शाम को सैनिक स्कूल, सरोजिनी नगर में कार्यक्रम में भाग लेने के बाद नई दिल्ली रवाना होंगे।
कुल लंबाई 62.7 किलोमीटर
निर्माण लागत लगभग 4700 करोड़ रुपये
6 इंटरचेंज
38 अंडरपास
6 फ्लाईओवर
3 बड़े और 28 छोटे पुल
18 किलोमीटर एलिवेटेड सेक्शन
63 हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे
AI आधारित दुर्घटना अलर्ट सिस्टम
बैरियर-फ्री FASTag टोल व्यवस्था
एक्सप्रेसवे पर दोपहिया वाहनों के संचालन की अनुमति नहीं होगी। केवल निर्धारित श्रेणी के वाहन ही इस मार्ग का उपयोग कर सकेंगे।
पूरे एक्सप्रेसवे पर लगाए गए AI कैमरे किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजेंगे, जिससे राहत एवं बचाव दल तेजी से मौके पर पहुंच सकेगा।
करीब 18 किलोमीटर एलिवेटेड रोड बनने से अमौसी, सरोजिनी नगर और आसपास के क्षेत्रों में लगने वाले ट्रैफिक जाम से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
कार से लखनऊ से कानपुर जाने पर प्रस्तावित टोल लगभग 275 रुपये होगा, जबकि पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर फिलहाल करीब 95 रुपये का टोल लगता है। हालांकि एक्सप्रेसवे से समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
नियमित यात्रियों के लिए लगभग 3075 रुपये का वार्षिक पास उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें एक वर्ष में 200 यात्राएं शामिल होंगी।
एक्सप्रेसवे पर आगे चलकर फ्यूल स्टेशन, रेस्टोरेंट, पार्किंग और ट्रॉमा सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनके लिए स्थान चिन्हित किए जा चुके हैं, हालांकि संचालन की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।
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